प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्यमंत्री ही कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करें तो क्या कर सकते हैं- चुनावी रैलियों से तेज़ी से बढ़ते संक्रमण

 

देश में कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप का दूसरा दौर काफी तेजी से बढ़ता जा  रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान 1.85 लाख से अधिक नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों का आंकड़ा 1.38 करोड़ के पार पहुंच गया है। कोरोना की दूसरी लहर पहले से ज्यादा खतरनाक है। दरअसल इस दफा कोरोना की जद में वो लोग ज्यादा आ रहे हैं जिनमें किसी तरह का लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं। कोरोना का मुकाबला करने के लिए भारत में कोवैक्सीन और कोविशील्ड इस्तेमाल में लाई जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, देश में तेजी से बढ़ते कोरोना के मामले चिंता की बात। मौतों का आंकड़ा भी बढ़ रहा। वहीं, पिछले 24 घंटों में लगी 40 लाख से अधिक वैक्सीन। उधर, हरिद्वार में चल रहे महाकुंभ में बढ़ रही भीड़ पर उठ रहे सवालों का उत्तराखंड के सीएम तीरथ सिंह रावत ने दिया जवाब। बोले, कुंभ की तुलना मरकज से करना ठीक नहीं। हो रहा है सभी कोविड नियमों का पालन। महाराष्ट्र में 14 अप्रैल रात 8 बजे से 1 मई सुबह 7 बजे तक लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगा दी गई हैं। अमेरिका ने जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन पर लगाई अस्थाई रोक। टीका लगवाने के बाद 6 लोगों में आई थी खून के थक्के जमने की शिकायत। वहीं WHO के प्रमुख ने कहा, कोरोना महामारी का अंत होने में लगेगा काफी वक्त। यूपी में कोरोना केस में हो रही रिकॉर्ड वृद्धि पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भी चिंता जाहिर की है। हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से उन जिलों में जहां कोरोना के मामलों में तेजी आई है, दो-से तीन सप्ताह का पूर्ण लॉकडाउन लगाने का सुझाव दिया है।

हरिद्वार कुंभ में शाही स्नान के बाद नेपाल नरेश ज्ञानेन्द्र वीरशाह पतंजलि योगपीठ पधारे। यहां पहुंचने पर आचार्य बालकृष्ण योग गुरु बाबा रामदेव परमार्थ देव ने नेपाल नरेश का भव्य स्वागत शंखों की ध्वनि की बीच मंगलगीत गाकर किया।

मुख्तार ने कोर्ट को बताया कि उन्हें कमर में दर्द की शिकायत है, इसके लिए डॉक्टर ने फिजियोथेरेपी की सलाह दी है उन्होंने जेल में एक फिजियोथेरेपिस् उपलब् कराने की भी मांग की बताते हैं कि गैंगस्टर कोर्ट ने बांदा जेल को आदेशित करते हुए कहा कि ये सब व्यवस्था की जाएं।

आज संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती है। 14 अप्रैल 1891 को जन्मे बाबासाहब अंबेडकर एक महान विद्वान, समाज सुधारक और दलितों के मसीहा थे। वह अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ भी थे।

14 अप्रैल को असम में बोहाग बिहू का त्यौहार मानाया जाता है। दरअसल यह पर्व फसल की कटाई संबंधित है। असम के लोग बिहू को काफी धूमधाम के साथ मनाते हैं।

उत्तर प्रदेश के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने  पत्र लिखकर कहा है कि-'अगर कोविड-19 जनित परिस्थितियों को शीघ्र नियंत्रित नहीं किया गया तो हमें रोकथाम के लिए लखनऊ में लॉकडाउन लगाना पड़ सकता है।' 

सरकार सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग अनिवार्य करने की तैयारी कर रही है। यह एक जून से अनिवार्य किया जाएगा। अभी स्वैछिक है। जौहरियों को मिला था 1 साल का समय.

जम्मू-कश्मीर में स्थित नियंत्रण रेखा पर भारत और पाकिस्तान के संघर्षविराम समझौते को बरकरार रखने के लिए सहमत होने के बाद केंद्र शासित प्रदेश के सरहदी गांवों में शादियों की रौनक लौटने लगी है।

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद को आइसोलेट कर लिया है। दरअसल मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रमुख सचिव एसपी गोयल, सचिव अमित सिंह और ओएसडी अभिषेक कौशिक कोरोना पॉजिटिव आए थे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने एहतियातन खुद को आइसोलेट किया है।केंद्र सरकार कोविड से बचाव के लिए विदेशी टीकों के आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति शीघ्र देने की प्रक्रिया में है। इससे देश में टीकाकरण की गति और इसका दायरा बढ़ाने में मदद मिलेगी।

महाराष्ट्र के सतारा में एक महिला मरीज को अस्पताल में बेड नहीं मिला तो वह ऑटोरिक्शा में ही ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ बैठे-बैठे इंतजार करने लगी।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक विचित्र मामला सामने आया है। यहां शादी के बाद एक पत्नी कॉकरोचों से इतना डरने लगी कि पति को तीन सालों में 18 मकान बदलने पड़ गए।

ज्ञानवापी मस्जिद परिसर विवाद मामले में वाराणसी की स्थानीय कोर्ट के फैसले को अंजुमान इंतजामिया मस्जिद कमेटी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।

 कोरोना महामारी से संक्रमण का पता लगाने के लिए देश में कई तरह के टेस्ट के विकल्प मौजूद हैं लेकिन इस जांच सर्वाधिक प्रयोग रैपिड एंटीजन टेस्ट और आरटी-पीसीआर टेस्क का होता है। देश में इन दो टेस्ट के जरिए सरकार व्यक्ति में संक्रमण के बारे में पता करती है। हालांकि, ये दोनों टेस्ट सौ फीसदी सही नहीं होते। इन दोनों टेस्ट में आरटी-पीसीआर टेस्ट को ज्यादा विश्वसनीय माना जाता है। एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट 15 से 30 मिनट के अंदर जाती है जबकि आरटीपीसीआर टेस्ट में छह से आठ घंटे का  समय लगता है। आरटी-पीसीआर टेस्ट का पूरा नाम 'रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलिमियर्स चेन रिएक्शन' है। इसकी जांच प्रयोगशाला में की जाती है। इस टेस्ट के जरिए व्यक्ति के शरीर में वायरस का पता लगाया जाता है। इसमें वायरस के आरएनए की जांच की जाती है। ज्यादातर सैंपल नाक और गले से म्यूकोजा के अंदर वाली परत से स्वैब लिया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल पीसीआर टेस्ट को ज्यादा विश्वसनीय मानते हैं। लेकिन अन्य टेस्ट की तरह यह टेस्ट भी पूरी तरह से पूर्ण नहीं है। इसकी जांच की कीमत एंटीजन टेस्ट से महंगी होती है।  बाहर से शरीर में दाखिल होने वाले वैक्टीरिया एंटीजन होते हैं। रैपिड एंटीजन टेस्ट के नतीजे 15 से 30 मिनट के भीतर जाते हैं। इस जांच में व्यक्ति की रिपोर्ट यदि निगेटिव आती है तो उसे फाइनल नहीं माना जाता। इस टेस्ट की आरटीपीसीआर जांच होती है। एंटीजन टेस्ट में व्यक्ति की रिपोर्ट यदि पॉजिटिव आती है तो उसे संक्रमित मान लिया जाता है। एंटीजन टेस्टिंग व्यक्ति के पास जाकर की जाती है।  इस टेस्ट में व्यक्ति की नाक के दोनों तरफ से फ्लूइड का सैंपल लिया जाता है। स्ट्रिप पर एक रेड लाइन आने पर रिपोर्ट निगेटिव मानी जाती है। स्ट्रिप पर यदि दो रेड लाइन आती है तो व्यक्ति को संक्रमित माना जाता है। वहीं, अमेरिका में मोटे तौर पर तीन तरह के टेस्ट होते हैं। दो टेस्ट में व्यक्ति में एक्टिव इंफेक्शन का पता किया जाता है जबकि तीसरे टेस्ट में यह पता लगाया जाता है कि व्यक्ति पहले संक्रमण का शिकार तो नहीं हुआ था।

राजधानी में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों ने प्रवासी मजदूरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिल्ली के आईएसबीटी और आनंद विहार स्टेशनों पर पिछले साल जैसा नजारा सामने आने लगा है।

अंटार्कटिका का थ्वाइट ग्लेशियर का तेजी से पिघलना जारी है। इससे दुनिया भर के वैज्ञानिकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। थ्वाइट ग्लेशियर को 'डूम्सडे ग्लेशियर' भी कहा जाता है। यह ग्लेशियर इतना बड़ा है कि इसमें तीन से चार शहर समा सकते हैं।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के पूर्व विशेष जज सुरेंद्र कुमार यादव की नियुक्ति राज्य में डेप्युटी लोकायुक्त पद पर की है।

चुनाव आयोग की ओर से प्रचार पर 24 घंटे की पाबंदी लगाने के बाद धरने पर बैठी ममता बनर्जी पर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने किया तंज। बोले, उनकी सुनो तो सब ठीक, सुनो तो सब गलत। उधर, पश्चिम बंगाल की जनता से गृहमंत्री अमित शाह ने किया वादा। एक जनसभा को संबोधित करते हुए बोले, बंगाल में बीजेपी जीती तो हल हो जाएगी गोरखा समस्या।

 मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित घर के बाहर खड़ी विस्फोटक भरी कार और मनसुख हिरेन मर्डर केस में निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाझे मुंबई पुलिस से होंगे बर्खास्त। प्रक्रिया शुरू।

गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने छोड़ा एनडीए का साथ। बीजेपी पर लगाया गोवा विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप। अमित शाह को पत्र लिखकर दी जाानकारी।

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला। ड्राइवर के नशे में होने की स्थिति में बीमा कंपनी नकार सकती है दावा। शीर्ष अदालत ने दुर्घटनाग्रस्त हुई लग्जरी पोर्शे कार के दावे के मामले में दिया आदेश।

कोविड की रोकथाम के लिए हरियाणा ने लगाया नाइट कर्फ्यू। रात नौ बजे से सुबह 5 बजे तक रहेगी पाबंदी। जरूरी सेवाओं पर नहीं रहेगी रोक।

कोरोनावायरस को लेकर देश में अजब हाल है, सब को पता है कि कोरोना की दूसरी लहर कितनी प्रभावी है लेकिन फिर भी राज्य और केंद्र स्तर पर इसको लेकर ना केवल तालमेल ख़राब है, बल्कि इस युद्ध में सभी अलग-अलग लड़ते दिख रहे हैं, नाकि एकजुट होकर. इसका एक बड़ा कारण है और वो यह कि कोई भी दल ऐसा फैसला नहीं लेना चाहता जो जनता को नापसंद हो. यानि कड़े फैसले लेने में सबको हिचकिचाहट हो रही है. 2020 याद कीजिए, प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन लगाने का कड़ा फैसला लिया था. सभी विपक्षी दलों ने इसका स्वागत किया था. सभी का मानना था कि लॉकडाउन ज़रूरी है. लेकिन जैसे-जैसे वक़्त बीतता गया पक्ष और विपक्ष अलग होने लगे. पहले विपक्ष ने कहा कि लॉकडाउन लगाने का फैसला राज्य सरकारों के पास होना चाहिए और दिल्ली से बैठ कर सभी फैसले नहीं लिए जा सकते हैं. दूसरा आरोप लगा की लॉकडाउन की आड़ में सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या कर दी है. ठीक इसके बीच में कामकाजी लोगों का पलायन दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों से हुआ. सरकार पर आख़री आरोप लगा की वो बड़े फैसले बिना किसी विचार विमर्श के करती है. नतीजा ये हुआ कि धीरे-धीरे सारे अधिकार राज्यों को दिए गए. इस वक़्त देश में कोरोना की दूसरी बड़ी लहर चल रही है और अजीब बात है की सब इस पर मौन हैं. वैसे बीजेपी ने पलायन की राजनीति पर बिहार की जीत से रोक तो लगा दी, लेकिन कुछ मुद्दों पर खामोश हो गयी. जैसे सब बात करते हैं 2 गज की दूरी की लेकिन राजनीतिक सभाओं में कोई किसी की बात नहीं मनाता. नेता खुद मास्क नहीं लगा रहे हैं. मतदान केंद्र में तो दो गज की दूरी है. लेकिन रोड शो में एक इंच की दूरी नहीं दिखती है. शादियों में लोगों के आने पर पाबंदी है. यह भी तय किया जा चुका है कि श्मशान घाट में कितने लोग जाएं, लेकिन राजनीतिक बैठकों के लिए कोई भी रोक टोक नहीं है. सबसे अजीब बात है कि जब देश पूरा एक था, तब पूरे यूरोप और अमेरिका में भी समन्वय नहीं था. लोग वैक्सीन तक नहीं लगा रहे थे. लॉकडाउन के खिलाफ धरना प्रदर्शन हो रहा था. लेकिन भारत में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. हालांकि यहां राजनीतिक दल विपदा के समय एक दूसरे के करीब नहीं सके. देश में एकता राष्ट्रीय खतरे के वक़्त बढ़ जाती है, सब दल अपने मतभेद छोड़ कर देश के लिए काम करते हैं लेकिन कोरोना के वक़्त भारत में ऐसा नहीं हो पाया है. यहां आपदा के वक़्त दलों में मतभेद हैं और विश्वास की बेहद कमी है. वक़्त के इस छोर पर सभी दलों को अपने मतभेद एक तरफ रख कर कोरोना को हराने के लिए काम करना चाहिए. यही सच्ची श्रद्धांजली होगी कोरोना योद्धाओं को.

"अभी हमारे सामने दूसरी लड़ाई है. कोरोना के साथ दो मई के बाद लड़ लेंगे." विशेषज्ञों ने चेताया कि विधानसभा चुनाव ख़त्म होने पर बंगाल में कोरोना संक्रमण का नया रिकॉर्ड बन सकता है. उनका कहना है कि आठ चरणों तक चलने वाली चुनाव प्रक्रिया कोरोना के लिहाज़ से भारी साबित हो सकती है. उससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर गहरी चिंता जताई है. लेकिन साथ ही चेताया है कि अब कोरोना की आड़ में मतदान स्थगित करने के किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं किया जाएगा. सीपीएम नेता रबीन देब कहते हैं, "अभी बंगाल में संक्रमण की स्थिति उतनी ख़राब नहीं है कि चुनाव रोकना पड़े. लेकिन हम सबको कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए." डॉक्टरों के समूह ने अपने पत्र में लिखा है, "क्या आपने कभी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मास्क पहनते देखा है? अगर प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्यमंत्री ही कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करें तो हम क्या कर सकते हैं?" "चुनाव अभियान के दौरान कोविड प्रोटोकॉल के सरेआम उल्लंघन पर आयोग की चुप्पी पीड़ादायक हैलॉकडाउन नहीं होना, कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन और चुनावी रैलियों तेज़ी से बढ़ते संक्रमण की प्रमुख वजहें हैं."

पिछले 24 घंटों के दौरान, केरल के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ी और तेज हवाएं चली। आंतरिक और दक्षिण तमिलनाडु, तटीय कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक दो स्थानों पर तेज वर्षा हुई। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई। गंगीय पश्चिम बंगाल और मध्य महाराष्ट्र मैं एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हुई। अगले 24 घंटों के दौरान, केरल, तटीय कर्नाटक और आंतरिक और दक्षिण तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, दक्षिण मध्य महाराष्ट्र, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक दो जगहों पर तेज बौछारें गिर सकती हैं। तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में भी एक-दो स्थानों पर बारिश की संभावना है। जम्मू कश्मीर, गिलगित बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद मैं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है तथा ऊंची पहाड़ियों पर हल्की बर्फबारी के भी आसार हैं। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दक्षिण छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मराठवाड़ा में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में कल से बारिश की तीव्रता बढ़ जाएगी।



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