सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में विशेष अदालत से नौ महीने में फैसला सुनाने को कहा

मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश का कार्यकाल सुनवाई के समापन तक बढ़ाने का निर्देश भी सुप्रीम कोर्ट ने दिया है :



सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत को नौ महीने के अंदर फैसला सुनाने का निर्देश दिया है। पीटीआई के मुताबिक शीर्ष अदालत ने 30 सितंबर को सेवानिवृत होने जा रहे विशेष न्यायाधीश का कार्यकाल इस मामले की सुनवाई के समापन तक बढ़ाने का निर्देश भी दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई में सबूतों की रिकार्डिंग छह महीने में पूरी कर ली जाए। इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और कई अन्य नेताओं पर आरोप हैं। 



इससे पहले अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराए जाने से जुड़े मुकदमे की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश ने इसकी सुनवाई पूरी करने के लिए और छह महीने का समय मांगा था। इस अनुरोध के साथ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में इसी सोमवार को एक आवेदन दायर किया था। विशेष न्यायाधीश ने शीर्ष अदालत को लिखकर सूचित किया था कि वे 30 सितंबर, 2019 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। 



सुप्रीम कोर्ट ने अदालत ने 19 अप्रैल, 2017 को राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मामले की रोजाना सुनवाई करके इसे दो साल के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही, उसने लालकृष्ण आडवाणी और पांच अन्य के खिलाफ रायबरेली के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में लंबित कार्यवाही लखनऊ में अयोध्या मामले की सुनवाई कर रहे अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश की अदालत में स्थानांतरित कर दी थी। उसने लालकृष्ण आडवाणी और अन्य आरोपितों के खिलाफ आपराधिक साजिश के आरोप हटाने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 12 फरवरी, 2001 के फैसले को त्रुटिपूर्ण करार दिया था। 


 


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