पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को देश का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार

 


कांग्रेस नेता राहुल गांधी और यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी नहीं दिखी



पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को देश का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न  से सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रणब मुखर्जी को भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया. हालांकि इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी नहीं दिखाई दिए. न्यूज एजेंसी एएनआई को मिली जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी को राष्ट्रपति भवन द्वारा समारोह के लिए आमंत्रित किया गया था. हालांकि, इस समारोह को छोड़ देने का कारण अभी तक ज्ञात नहीं है.
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न, नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका मरणोपरांत सम्मानित
राहुल गांधी और सोनिया गांधी के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी इस समारोह में नहीं दिखाई दिए. जबकि कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, अहमद पटेल, भूपेंदर सिंह हूडा, जनार्दन द्विवेदी, आरपीएन सिंह, सुष्मिता देव और शशि थरूर ने राष्ट्रपति भवन में हुए समारोह में शामिल हुए. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अलावा राष्ट्रपति कोविंद ने भूपेन हजारिका का पुरस्कार उनके बेटे तेज हजारिका को दिया. वहीं, नानाजी देशमुख का अवार्ड दीनदयान रिसर्च इंस्टीट्यूट के चेयरमैन वीरेंद्रजीत सिंह ने प्राप्त किया. भूपेन हजारिका और नानाजी देशमुख को मरणोपरांत यह पुरस्कार मिला है.मालूम हो कि भारत रत्न सम्मान का ऐलान गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी को किया गया था. भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है. यह सम्मान राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता है. इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा और खेल शामिल है. इस सम्मान की स्थापना 2 जनवरी 1954 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई थी. पहला भारत रत्न डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन को दिया गया था.
भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, भारतीय जनसंघ पार्टी के नेता – नानाजी देशमुख और गायक और गीतकार भूपेन हजारिका को भारत रत्न पुरस्कार से  सम्मानित किया गया है। सरकार ने घोषणा की है कि भारतीय जनसंघ के नेता- दिवंगत नानाजी देशमुख, गायक और संगीतकार – दिवंगत भूपेन हजारिका और भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
इसे चार साल के अंतराल के बाद प्रदान किया जाएगा। 2015 में, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक मदन मोहन मालवीय को मोदी सरकार ने पुरस्कार दिया था।
देशमुख और हजारिका को मरणोपरांत पुरस्कार के लिए चुना गया था। प्रणब मुखर्जी ने इस सम्मान को महानता से स्वीकार किया और कहा, “मैंने हमेशा कहा है और मैं दोहराता हूं, कि मैंने अपने महान देश के लोगों के लिए जितना कार्य किया है उससे अधिक मुझे लोगों का प्यार प्राप्त हुआ है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर कर कहा कि, प्रणब मुखर्जी ने दशकों तक देश की निस्वार्थ और अथक सेवा की है, जिससे देश की विकास दर में मजबूती आई है।
उन्होंने यह भी कहा कि भूपेन हजारिका के गीत न्याय, सौहार्द और भाईचारे के संदेश को प्रसारित करते हैं और नानाजी देशमुख के ग्रामीण विकास में योगदान ने हमारे गांवों में रहने वालों को सशक्त बनाने के एक नए प्रतिमान की राह दिखाई।
इन तीन प्राप्तकर्ताओं के बाद, 48 प्रतिष्ठित लोगों को अब तक भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।


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