*बुद्धिजीविता व्यक्ति को इंसान बनाती है

 


*बुद्धिजीविता व्यक्ति को इंसान बनाती है जबकि मनजीविता उसे हैवान और जानवर बना देती है* *----डी. जी.पी.* गुप्तेश्वर पांडे
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समस्तीपुर जिला रोसड़ा अनुमंडल  विभूतिपुर प्रखंड थाना क्षेत्र अंतर्गत नरहन में डी. पी.एस. पब्लिक स्कूल के सभागार में बिहार प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री गुप्तेश्वर पांडेय ने "नशापान से कैसे बचें " शीर्षक विषयक सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि नशा की हानियों से हर  सजग नागरिक परिचित है।उससे होने वाली तबाही से हर कोई भिज्ञ है।इसपर बहुत कहा जा चुका है और कहा जा रहा है।महत्त्वपूर्ण यह है कि यह किस तरह हमारी चेतना को विनष्ट कर रहा है।व्यक्ति संवेदनहीन होकर एक से एक कुकृत्य करता है।संवेदना को झकझोरने वाले कुकर्मों को अंजाम देकर विक्षिप्त सा रहता है।अपने जीवन को नरक बना लेता है।जब व्यक्ति के मन पर बुद्धि की जीत होती है तो वह देवत्त्व की ओर बढ़ता है और जब मन की जीत उस पर हावी होती है तो उसमे राक्षसी प्रवृति जगती है।समाज को यदि मानवीय चेतना से भरपूर करना है तो हमे नशा के विरोध में एकजुट होना होगा।उन्होंने शिक्षाविदों,पत्रकारों और युवकों का आह्वान करते हुए इस अभियान से जुड़ने को कहा।नारी शक्ति को नमन करते हुए उन्होंने महिलाओं को इस अभियान की प्रेरणा कहा।सेमिनार में उन्हें आयोजकों ने सम्मानित किया।समारोह में अन्य लोगो के अलावा प्रधानाध्यापक प्रेम कुमार मिश्रा,विजय कुमार सिंह,सज्जन कुमार,ज्योति कलश साहित्यिक संस्थान के अध्यक्ष राजा राम महतो,सचिव शेफालिका झा,संगठन सचिव शशि कुमार सुमन,संरक्षक मंडल सदस्य बाबू प्रसाद शर्मा,प्रो0 सत्यसंध भारद्वाज,गुंजन कुमार,तारा बाबू सिंह,अनमोल कुमार,टुन टुन निशाकर,मुकेश कुमार,मनोरंजन प्रसाद मिश्र,अमरनाथ चौधरी,केशव बाबू,विनय भूषण,धर्मेंद्र कुमार कुशवाहा,हरेकृष्ण शर्मा,शम्भू नारायण शर्मा,अमरेश पासवान समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।संचालन एच. एन. सिंह ने किया।


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