शिक्षक नियोजन में  प्राधिकार ने  कार्यवाही करने का दिया आदेश

शिक्षक नियोजन में  प्राधिकार ने  कार्यवाही करने का दिया आदेश जिला अपीलीय प्रधिकार समस्तीपुर में दायर वाद संख्या 6/2008  अपील वाद संख्या 7/2018  में दिनांक 15/4/19  के पारित आदेश के आलोक में जन शिकायत कोषांग के निर्देश के आलोक में विभिन्न पंचायत में  मुखिया ^और पंचायत सचिव" के द्वारा किए गए नियोजन को अवैध करार दिया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पंचायत नियोजन इकाई मोहन नगर पुरब मे माननीय उच्च न्यायालय  पटना एवं  जिला जन शिकायत कोषांग समस्तीपुर पत्रांक  314   315  316  321 दिनांक 19/3/ 15  मुखिया  विनोबा राम की अध्यक्षता में  बैठक बुलाई गई , जिसमें  वार्ड सदस्य  रामप्रसाद पंडित  सुरेंद्र दास  ,पंचायत समिति सदस्य विनोबा राम ,पंचायत सचिव बृजनंदन शाह  उपस्थित थे  ।अपील आरती बृजेश मोहन प्रियदर्शी  पिता गणेश राय  एवं सुनैना कुमारी पिता  रामभरोस यादव , नवीन कुमार पिता रामबालक यादव  एवं कुमारी सरिता बरनवाल  पिता श्री गणेश प्रसाद  का नियोजन 2006  के विरुद्ध करने का आदेश प्राप्त हुआ है। जिला अपीलीय प्राधिकार समस्तीपुर के सचिव ने सभी अध्यक्ष, सचिव ,प्रखंड शिक्षा प०,जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला पदाधिकारी ,प्राथमिक शिक्षक, शिक्षा विभाग बिहार पटना सूचक अपील बाद संख्या 6 /18सुनैना कुमारी  ग्राम बिसहरिया थाना  सिंघिया बनाम विद्यालय प्रधान प्राथमिक विद्यालय मररा अमर ग्राम पंचायत मो नगर पूरब प्रखंड रोसड़ा, प्रखंड विकास पदाधिकारी रोसरा बृजेश मोहन प्रियदर्श ग्राम विसरिया बनाम विद्यालय प्रधान चक महुली पंचायत सेवक मो नगर पूर्व cwjc नंबर23 90 कुमारी सरिता बरनवाल प्राथमिक विद्यालय मुस्तफापुर  प्राथमिक विद्यालय  चक महुली  गुंजा कुमारी  प्राथमिक विद्यालय  मकतब  मब्बी हरिकांत यादव प्राथमिक विद्यालय मकतब  मब्बी सुरेंद्र कुमार प्राथमिक विद्यालय मकतब एरोत मुसहरी नियोजन को अवैध करार देते हुए उन शिक्षक से वेतन के रूप में लिए गए राशि को   रिकभर करने का आदेश दिया ?था। साथ ही नियोजन में शामिल शिक्षक पंचायत नियोजन इकाई के अध्यक्ष एवं सचिव  भुकतान के लिए जिम्मेवार पदाधिकारी पर  कानूनी करवाई का आदेश दिया है।
तो हाईकोर्ट के आदेश पर जिला  अपीलीय प्राधिकार को आदेश दिया आदेश के बावजूद भी डीपीओ स्थापना समस्तीपुर एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी हसनपुर एवं सिंधिया के मेल से उन शिक्षक से राशि का आदान-प्रदान कर बकाया वेतन भुगतान क्या गया और उन शिक्षकों को वेतन दिया जा रहा है।
जन शिकायत कोषांग के निर्देश के आलोक में नियोजित शिक्षक का वेतन बंद करने उनसे कार्य नहीं लेने तथा उन पर विधिवत कार्रवाई करने का आदेश दिया इसके बावजूद रोसड़ा अनुमंडल के प्रखंड एवं हसनपुर प्रखंड के जन शिकायत कोषांग के लिए नियोजित शिक्षक का जान दिया जा रहा है जो प्राधिकार के आदेश का सरेआम उल्लंघन एवं शिक्षा माफियाओं के सहयोग से सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है  इस बात से यह जाहिर होता है कि डीपीओ  स्थापना समस्तीपुर एवं  रोसड़ा अनुमंडल के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को सरकार के खजाने लुटाने में मजा आ रहा है और और शिक्षक पर कार्रवाई करने की वजह उनको मनोबल को बढ़ावा दे रहे हैं लेकिन डीपीओ स्थापना समस्तीपुर  एवं उनके पैनल मैं  जो  कार्यरत पदाधिकारी है उनके अलावा शिक्षा विभाग को एक गठित टीम को तैयार कर जांच किया जाए और शिक्षक  कानून कार्रवाई होनी चाहिए आपने सेवा से मुक्त कर देना चाहिए क्योंकि हाईकोर्ट की आदेश है।


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