मजदूरों का पलायन - आर्थिक हालात बिगड़े

 

बेहद दुखद! दिल्ली में कोरोना से मौतों के बीच श्मशान घाट हुए फुल अब पार्कों में हो रहा 'अंतिम संस्कार'. दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने लॉकडाउन एक और हफ्ते के लिए बढ़ा दिया है. देशभर में कोरोनावायरस का कहर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। रोज 3 लाख से ज्यादा नए मरीज सामने आ रहे हैं। कोरोना मरीजों के लिए ऑक्सीजन की मांग लगातार बढ़ रही है।

कोरोना संकट के बीच रेमडेसिविर के लिए चारों तरफ हाहाकार मचा पड़ा है। लोग इसे खरीदने के लिए मुंहमांगी कीमत भी दे रहे हैं। रेमडेसिविर को रामबाण माना जा रहा है, जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह जीवन रक्षक नहीं, बल्कि महज एक एंटीवायरल है। यह मृत्युदर कम करने में सहायक नहीं है। इस पर ज्यादा पैसे खर्चना वाजिब नहीं है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आईएमए के सचिव और वरिष्ठ चेस्ट फिजीशियन डॉ. वीएन अग्रवाल ने बताया कि यह एंटीवायरल दवा है। जरूरी नहीं कि यह हर प्रकार के वायरस को मार सके। मुख्यत: इबोला वायरस बहुत पहले हुआ करता था, उसे यह नष्ट करता था। लेकिन 2020 में जब कोविड आया, कुछ रिसर्च में यह पता चला कि इसका कुछ असर कोविड में है। लेकिन कोविड पर यह कितना कारगर है यह पता नहीं चल सका।

कोरोना की दूसरी लहर ने दहलाया, अब तक 9 लाख लोगों ने छोड़ा महाराष्ट्र, सख्ती से राज्य को हो सकता है 82 हजार करोड़ का घाटा! कोरोना महामारी में मजदूरों का पलायन विकराल रूप लेता जा रहा है। भारतीय स्टेट बैंक की रिसर्च रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि अप्रैल के शुरुआती 12 दिनों में करीब 9 लाख लोगों ने महाराष्ट्र से वापस अपने राज्यों का रुख किया है। हालात इतने गंभीर होते जा रहे हैं कि अब कारोबारी भी इन मजदूरों को रोकने के इच्छुक नहीं है। एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक 1 से 12 अप्रैल के बीच वेस्टर्न रेलवे की तरफ से 196 ट्रेनों में 4.32 लाख लोगों ने सफर किया। इनमें से 150 रेलगाड़ियां सिर्फ उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए गईं। उनमें 3.23 लाख लोग वापस इन राज्यों की तरफ लौटे हैं। यही नहीं इस दौरान सेंट्रल रेलवे की तरफ से चलाई गईं 336 ट्रेनों में 4.70 लाख यात्रियों ने महाराष्ट्र से अपने राज्यों का रुख किया। ये रेलगाड़ियां उत्तर प्रदेश, बिहार के साथ साथ असम, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा राज्यों के लिए गईं। रिपोर्ट के मुताबिक बड़े पैमाने पर औद्योगिक गतिविधियां चलाने वाले महाराष्ट्र राज्य में लॉकडाउन के गंभीर परिणाम होंगे। मौजूदा सख्ती से राज्य को 82 हजार करोड़ रुपये का घाटा हो सकता है और आने वाले दिनों में ये सख्ती बढ़ी तो घाटा भी गहराना तय है। कारोबारी भी मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था को देखते हुए मजदूरों को रोकने में हिचकिचा रहे हैं। इंडिया एसएमई फोरम की डायरेक्टर जनरल सुषमा मोरथानिया ने हिंदुस्तान को बताया कि अस्पताल में बेड की किल्लत बड़ी समस्या बनती जा रही है। ऐसे में मजदूरों को रोकने पर महामारी फैलने की हालत में उनके इलाज की मुश्किलों से निपटना बड़ी चुनौती है। उनके मुताबिक कारोबारी बेहद जरूरी काम के लिए ही मजदूरों को रोकने का जोखिम ले रहे हैं, वो भी सिर्फ उन्हीं को रोका जा रहा है जिनका इंश्योरेंस कराया गया है। इनकी तादाद कई जगहों पर 25 फीसदी के करीब ही है। अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर अमिल बसोले के मुताबिक पिछले लॉकडाउन के दौरान मजदूरों के पलायन के दौरान उनकी आर्थिक हालात काफी बिगड़ गई थी। लंबे समय के बाद कामकाज शुरू हुआ था जो फिर से बंद हो गया है। ऐस में मजदूरों के लिए बार बार शहर की तरफ रुख करना मुश्किल हो जाएगा।

पद्म भूषण पंडित राजन मिश्रा का निधन हो गया है। वह 70 वर्ष के थे। रविवार को दिल्ली के सेंट स्टीफेंस अस्पताल में हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया। हृदय रोग संबंधी परेशानियों के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पीएम मोदी बोले- संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति.

हरियाणा में रेवाड़ी के एक निजी अस्पताल में चिकित्सीय ऑक्सीजन की कथित कमी के चलते 4 मरीजों की मौत हो गई। जिला प्रशासन ने मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच भी शुरू की है।

बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार अक्षय कुमार कोरोनावायरस महामारी के समय दिल्ली के लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। कोरोना महामारी के कारण देश इस वक्त मुश्किल समय से जूझ रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में भी बुरा हाल है।

कोरोना से जंग में भारत को मिला अमेरिका का साथ, कोविशील्ड के उत्पादन के लिए भेजेगा कच्चा माल

कोविड-19 प्रतिरक्षा टीका लगवाने के इच्छुक 18 से 45 साल की आयु के लोगों के लिये कोविन वेब पोर्टल पर पंजीकरण कराना और टीकाकरण के लिये समय लेना अनिवार्य होगा, क्योंकि प्रारंभ में टीकाकरण केन्द्र पर पंजीकरण कराने की अनुमति नहीं है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सोमवार को सातवें चरण के मतदान के दौरान कोविड-19 की दूसरी लहर के बीच 86 लाख से अधिक मतदाता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गृह निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर सहित 34 सीटों पर 284 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि चुनाव के पूर्व के चरणों में हुई हिंसा के मद्देनजर सातवें चरण के मतदान के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

धूम्रपान करने वालों और शाकाहारी भोजन करने वालों में 'सीरो पॉजिटिविटी' कम पाई गई है और साथ ही '' रक्त समूह वाले लोगों के कोरोना वायरस से प्रभावित होने की आशंका कम है। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने समूचे भारत में सीरो सर्वेक्षण कराया है।

देश में गहराते कोरोना संकट के बीच केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से ऐसे 100 भ्रामक पोस्ट या URL को हटाने के लिए कहा है, जो भारत में COVID-19 स्थिति के बारे में 'भ्रम' या 'दहशत फैलाने वाले' हैं।

मध्यप्रदेश पुलिस में भिंड पुलिस ने अनूठी पहल करते हुए कहा है कि कोरोना काल में शादी में दोनों पक्ष के पांच-पांच लोगों को ही शामिल होने के लिए राजी करें तो मैं अपने आवास पर दूल्हा-दुल्हन को रात्रि भोज कराउंगा।

उत्तर प्रदेश के 20 जिलों में आज पचांयत चुनाव के तीसरे चरण लिए मतदान हो रहे हैं। इन जिलों में 20,727 मतदान केन्द्र और 49798 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। सभी पेालिंग बूथ पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सैनेटाइजर, मास्क आदि की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। मतदाताओं के बीच सोशल डिस्टेंसिंग रखी जाएंगी। इन 20 जिलों में 49,789 मतदान केंद्रों पर 3,05,71,613 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक, मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ जो शाम छह बजे तक होगा। इन जिलों में हैं चुनाव- फिरोजाबाद, कासगंज, हमीरपुर, फतेहपुर, पीलीभीत, मुरादाबाद, देवरिया, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, कानपुर देहात, औरैया, जालौन, उन्नाव, बाराबंकी, अमेठी, मेरठ, शामली, चंदौली, बलिया, मिर्जापुर.

योगी सरकार कोरोना रोगियों के इलाज का खर्च वहन करेगी.

बनारसी साड़ी का व्यापार 2 मई तक बंद.

देहरादून में 26 अप्रैल शाम 7 बजे से 1 हफ्ते का कर्फ्यू.

महाकुंभ के मौके पर अलौकिक देव डोलियों ने किया शाही स्नान

पूरे देश में कोविड 19 की दूसरी लहर ने कहर मचा रखा है। चारों तरफ त्राहि और हाहाकार मचा हुआ है। उत्तरप्रदेश में कोरोना का आंकड़ा डराने वाला है, कहीं ऑक्सीजन गैस का अभाव है तो कहीं वेंटिलेटर लेटर मिल पाने की स्थिति में मरीज जान से हाथ धो रहा.

 पिछले 24 घंटों के दौरान, केरल में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक दो स्थानों पर तेज बौछारें गिरी। तमिलनाडु और दक्षिण कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश हुई। उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, रायलसीमा, आंध्र प्रदेश, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और सिक्किम में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई। उत्तर प्रदेश के पूर्वी भाग और उत्तर मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। अगले 24 घंटों के दौरान, असम और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। उत्तर पश्चिम भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत का मौसम शुष्क और गर्म रहेगा। लक्षद्वीप, केरल और दक्षिण कर्नाटक हल्की से मध्यम बारिश वर्षा के साथ वर्षा हो सकती है। तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और रायलसीमा मैं भी कुछ स्थानों पर हल्की तथा एक-दो स्थानों पर संभव है। उत्तर पश्चिम और मध्य भारत के तापमान में मामूली वृद्धि हो सकती है।



MP: 'Corona curfew' in Bhopal extended till May 3

Union minister Babul Supriyo tests positive for COVID

Rlys' plan for April-May: 330 additional trains, 674 trips to clear rush in high demand regions

PMO says 551 oxygen generation plants to set up in govt hospitals through PM Cares Fund

People interested in 'COVID ki baat', and not 'Mann ki baat', says Mamata

Sunday lockdown brings Tamil Nadu to a grinding halt

Air India to bring 600 oxygen concentrators from US in next 2 days for private entities

Oxygen Express with 70 tonnes of oxygen to reach Delhi by Monday night: Railways

Registration on CoWIN must for those between 18 and 45 years to get vaccine shot

Amid oxygen shortage, Jaipur Golden Hospital denies more admission requests

ISRO to launch data relay satellites to track Gaganyaan

The simple guide to good health

Ten states account for over 74 per cent of new COVID-19 cases

Pictures don't lie: Akhilesh on UP govt's no-oxygen-shortage claim

Death toll in avalanche in Uttarakhand's Chamoli rises to 11

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पैतृक संपत्ति में बहन को भाई के बराबर अधिकार

उठो द्रोपदी वस्त्र संभालो अब गोविन्द न आएंगे :

निशाने पर महिला हो तो निखर कर आता है समाज और मीडिया का असली रूप