कोरोना से भारत में हुई तबाही पर 'द लैंसेट' की रिपोर्ट- 'PM मोदी के काम अक्षम्य, सरकार ले गलतियों की जिम्मेदारी' :

 कोरोना से भारत में हुई तबाही पर 'द लैंसेट' की रिपोर्ट- 'PM मोदी के काम अक्षम्य, सरकार ले गलतियों की जिम्मेदारी' :      दुनिया के सबसे मशहूर मेडिकल जर्नल द लैंसेट ने अपने आठ मई के अंक के संपादकीय में पीएम मोदी की आलोचना करते हुए लिखा है कि उनका ध्यान ट्विटर पर अपनी आलोचना को दबाने पर ज़्यादा और कोविड - 19 महामारी पर काबू पाने पर कम है। जर्नल ने लिखा, "ऐसे मुश्किल समय में मोदी की अपनी आलोचना और खुली चर्चा को दबाने की कोशिश माफी के काबिल नहीं है।" 

लैंसेट के संपादकीय में कहा गया है कि "भारत ने COVID-19 को नियंत्रित करने में अपनी शुरुआती सफलताओं पर पानी फेर दिया। अप्रैल तक कई महीने गुजरने पर भी सरकार की COVID-19 टास्क फोर्स पूरी नहीं हुई थी। उस निर्णय के परिणाम आज हमारे सामने स्पष्ट हैं। भारत को अब जब संकट बढ़ रहा है, अपने प्रतिक्रिया बल का पुनर्गठन करना चाहिए।" 

संपादकीय टिप्पणी में कहा गया है कि मार्च के शुरू में COVID-19 के मामलों की दूसरी लहर शुरू होने से पहले, भारतीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने घोषणा की थी कि भारत महामारी के "एंडगेम" में था।" 

लैंसेट ने कहा कि "व्यापक-संक्रमण के जोखिमों के बारे में चेतावनी के बावजूद, सरकार ने धार्मिक आयोजनों की अनुमति दी। देश भर के लाखों लोगों को आकर्षित करने के लिए राजनीतिक रैलियों का आयोजन किया गया। इनमें COVID-19 के संक्रमण को रोकने के उपायों में कमी थी।"

केंद्रीय स्तर पर भारत की टीकाकरण नीति को "पाखण्ड" और "अलग-थलग" बताते हुए, पत्रिका ने कहा कि सरकार ने राज्यों के साथ नीति में बदलाव पर चर्चा किए बिना अचानक बदलाव किया और दो प्रतिशत से कम जनसंख्या का टीकाकरण कर सकी।


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